इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की एक विशेष अदालत में लंबित आपराधिक मामले की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने गणेश प्रसाद मौर्य और 10 अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामला भूमि विवाद से जुड़ा है, जिसमें विपक्षी ने आरोप लगाया था कि अपीलकर्ताओं ने उनके द्वारा खरीदी गई विवादित भूमि पर बनी बाउंड्री वॉल को गिरा दिया और वहां से निर्माण सामग्री चोरी कर ली।
अपीलकर्ताओं के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि यह मामला पूरी तरह से दीवानी (सिविल) प्रकृति का है और भूमि से संबंधित एक वाद पहले से ही सिविल कोर्ट में लंबित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिक जांच और धारा 161 के बयानों से यह संकेत मिलता है कि कथित घटना के समय विपक्षी मौके पर मौजूद नहीं थे।
साथ ही, बचाव पक्ष ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत कोई अपराध नहीं बनता है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर जातिगत शब्दों के इस्तेमाल का कोई प्रमाण नहीं है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, प्रयागराज द्वारा 8 सितंबर 2025 को जारी संज्ञान आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और विपक्षी पार्टी को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
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